राही बदल गए
रविवार, 15 मई 2011
जाने कौन
सदियों
-सदियों वही तमाशा रस्ता-रस्ता लम्बी खोज
लेकिन जब हम मिल जाते है खो जाते है जाने कौन
किरन-किरन अलसाता सूरज पलक-पलक खुलती नींद
धीमे-धीमे बिखर रहा है जरा-जरा जाने कौन
मुंह की बात सुने हर कोई दिल के दर्द को जाने कौन...
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